Shyam Baba Shayari श्याम बाबा की शायरी माँ सैव्यम पराजित:

Shyam Baba Shayari श्याम बाबा की शायरी माँ सैव्यम पराजित:

 

जो यहाँ नाचता है उसे मैं बता दूँ
ज़माने में फिर वो नहीं नाचता है।

 

जो बाबा की जय जय करे ख़ूब दिल से
सदा उसकी जय जय ज़माने में होगी।

 

 

इतना दिया है तुमने, गिन गिन के भूलता हूँ
खाटू के श्याम तेरे, उपकार बड़े मुझ पर।

 

झोली भर भर लूटते, रहमत नैमत लोग
आकर ना खाली गया, कोई खाटू धाम।

 

पीड़ा सारी मिट गई, लिया जो तेरा नाम
गज़ब कृपा है आपकी, खाटू वाले श्याम।

 

Shyam Baba Shayari श्याम बाबा की शायरी माँ सैव्यम पराजित:

 

 

महिमा खाटू धाम की, जग में है विख्यात
जो आया दरबार में, जाये ना खाली हाथ

 

 

मैं लाख रोकूँ मगर आँख छलक जाती है
जब तेरी रहमतों के गीत दुनियाँ गाती है
जब तुम्हीं हो दयासिंधु दीन बंधु त्रिपुरारी 
फिर मुझे मेरी ये तकदीर क्यों सताती है।

 

गुलाब कर दो मुझे इत्र बन महक जाऊँ
बना लो शंख मुझे स्तवन तेरा गाऊँ
मुझे विमल चरण की रज प्रभु बना लेना
ह्रदय में आन विराजो तो मैं सँवर जाऊँ।

 

आज मेरी घनश्याम से, ख़ूब हुई तकरार 
तुम्हें पता हर बात है, फिर क्यों करूँ गुहार।
हँस कर बोले श्याम जी, करके थोड़ा प्यार
जो चाहे सो माँग ले, लड़ता क्यों है यार।

 

Shyam Baba Shayari श्याम बाबा की शायरी माँ सैव्यम पराजित:

 

सूरत तुम्हारी दिल में, कुछ इस तरह बसी है
तेरे इश्क़ के सिवा अब, कुछ और नहीं होता।

 

 

उल्फ़त अगर करूँगा, तो श्याम जी तुम्हीं से
तुमसे बड़ा सनम अब, दुनियां में कौन होगा।

 

दुनिया कहे निखट्टू, खाटू के श्याम बाबा
तुमसे जो लौं लगी तो, दिल अब कहीं लगे ना।

 

कई देवता इस दुनिया में हैं, सब के रूप सुहाने हैं..

खाटू में जो सजकर बैठे हैं, हम बस उनके दीवाने हैं…
                   Jai  Shri Shyam

 

हारे का सहारा है ये, इससे ज्यादा कोई राज नहीं..
जिस के सिर पर हाथ हो इसका, इससे महंगा कोई ताज नहीं…
                      Jai Shri Shyam Ji

 

कोई कहता है सारा जमाना मेरा है कोई कहता है अपना भी बेगाना है

मेरा कोई कहता है दौलत का खजाना है मेरा, पर में कहता हूँ खाटू के चरणों में ठिकाना है मेरा 

                    Hare Ke Sahare Ki Jai

 

 

ना जाने कैसा जादू है, मेरे श्याम के दरबार का.
मैं जाता हूं बिखर के, और आता हूं निखर के..

 

        Jai Shri Shyam 

 

 

मेरे आंखो के ख्वाब हो तुम, दिल के अरमान हो तुम.
तुम से ही तो मैं हूं, मेरे पहचान हो तुम..
मैं जमीन हूं अगर तो, मेरे आसमान हो तुम.
सच मानो मेरे लिये तो सारा जहां हो तुम..

    Jai Shri Shyam 

Shyam Baba Shayari श्याम बाबा की शायरी माँ सैव्यम पराजित:

 

मेरे श्याम ! तुम पूछ लेना सुबह से, ना यकीन हो तो शाम से.
ये दिल धड़कता है सिर्फ बाबा श्याम तेरे ही नाम से…
               Jai Shri Shyam 

 

जी करता है मचल जाऊं खाटूधाम आने के लिये
भाग कर तेरे चरणों से लिपट जाऊं हमेशा के लिये..
लगता है प्यारे सुनकर भी अनुसना कर देते हो तुम…
करदो ऐसी कृपा मेरे सांवरे, 
मेरा दिल ही बन जाये खाटूधाम हमेशा के लिये..

   Jai Shri Shyam

 

 

क्या जरूरत है घर से निकलने के पहले मुहूर्त देखने की.
मेरे श्याम की सूरत देख लो जरूरत ही नही पड़ेगी मुहुर्त की..

        Jai Shri Shyam 

 

 

कर दिया है बेफिक्र तूने, फिक्र अब मैं कैसे करूँ.
फिक्र तो यह है कि तेरा शुक्र कैसे करूँं..

            Hare Ke Sahare Ki Jai 

 

 

 

 

लगी जो मेरी हाज़िरी, खाटू वाले धाम
नाम हमारा हो रहा, काम करें घनश्याम

 

तीन लोक के नाथ तुम, तेरी ही सरकार 
क्यों जायें घनश्याम हम, और किसी के द्वार

 

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